नौबारा के बागेश्वर धाम में चल रही श्रीमद भागवत कथा का समापन, जनता ने यज्ञ में भाग लेकर प्रसाद किया ग्रहण

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अल्मोड़ा/ द्वाराहाट। विकास खंड भिकियासैंण क्षेत्र के ग्राम सभा नौबारा के बागेश्वर धाम में चल रही सप्ताहिक श्रीमद देवी भागवत कथा का आज सोमवार को समापन हो गया है। कथा के समापन के बाद हवन यज्ञ और भंडारा हुआ। इसमें शामिल होने वाले श्रद्धालुओं ने जयकारे भी लगाए। भागवत कथा का आयोजन श्री श्री 1008 आमावास गिरी महाराज के संरक्षण में कराया गया। कथा समापन के बाद गांव के लोगों ने हवन किया। हवन के दौरान कथावाचक व्यास भगवत जोशी गुरु ने कहा कि आत्मा को जन्म व मृत्यु के बंधन से मुक्त कराने के लिए भक्ति मार्ग से जुड़कर सत्कर्म करना होगा। कहा कि हवन-यज्ञ से वातावरण एवं वायुमंडल शुद्ध होने के साथ-साथ व्यक्ति को आत्मिक बल मिलता है। व्यक्ति में धार्मिक आस्था जागृत होती है। दुर्गुणों की बजाय सद्गुणों के द्वार खुलते हैं। यज्ञ से देवता प्रसन्न होकर मनवांछित फल प्रदान करते हैं। भागवत कथा के श्रवण से व्यक्ति भव सागर से पार हो जाता है। श्रीमद देवी भागवत से जीव में भक्ति, ज्ञान एवं वैराग्य के भाव उत्पन्न होते हैं। इसके श्रवण मात्र से व्यक्ति के पाप पुण्य में बदल जाते हैं। विचारों में बदलाव होने पर व्यक्ति के आचरण में भी स्वयं बदलाव हो जाता है। कथावाचक भगवत जोशी ने भंडारे के प्रसाद का भी वर्णन किया। उन्होंने कहा कि प्रसाद तीन अक्षर से मिलकर बना है। पहला प्र का अर्थ प्रभु, दूसरा सा का अर्थ साक्षात व तीसरा द का अर्थ होता है दर्शन। जिसे हम सब प्रसाद कहते हैं। हर कथा या अनुष्ठान का तत्वसार होता है जो मन बुद्धि व चित को निर्मल कर देता है। मनुष्य शरीर भी भगवान का दिया हुआ सर्वश्रेष्ठ प्रसाद है। जीवन में प्रसाद का अपमान करने से भगवान का ही अपमान होता है। भगवान का लगाए गए भोग का बचा हुआ शेष भाग मनुष्यों के लिए प्रसाद बन जाता है। कथा समापन के दिन सोमवार को विधिविधान से पूजा करवाई दोपहर तक हवन किया गया। बाद में प्रसाद वितरित हुआ। इस मौके पर द्वाराहाट विधानसभा के विधायक महेश नेगी मौजूद रहे।
(रिपोर्ट मनीष नेगी द्वाराहाट)