केंद्र सरकार के खिलाफ तहसील परिसर में दिया धरना

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रुद्रप्रयाग। संयुक्त किसान मोर्चा उत्तराखंड के आह्वान पर अखिल भारतीय किसान सभा व सीटू ने केंद्र सरकार पर निजी कंपनियों को लाभ देने, किसानों व मजदूरो का का उत्पीड़न करने व मणिपुर की घटना को लेकर तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन किया।
अंग्रेजो भारत छोड़ों आंदोलन की 81वीं वर्षगांठ पर आयोजित धरना प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए सीटू के जिला महामंत्री वीरेंद्र गोस्वामी ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने सत्ता में आने से पूर्व देश के किसानों व मजदूरों से अच्छे दिनों का वायदा किया था। किंतु नौ वर्ष गुजर जाने के बाद भी केंद्र सरकार ने किसानों व मजदूरों को बुरे दिनों की ओर धकेल दिया हे। विकास के नाम पर उनकी कृषि भूमि छीन कर बेदखल किया जा रहा है। आधुनीकीकरण के नाम पर मजदूरों को रोजगार से वंचित किया गया है। देश की शिक्षा, स्वास्थ्य, रेल, उद्योग, सार्वजनिक कल कारखानों का निजीकरण कर दिया है। उन्होंने कहा कि मणिपुर की घटना ने साबित कर दिया है कि केंद्र सरकार की जनता के किसी भी वर्ग के प्रति जबावदेही नहीं है। उन्होंने कहा कि देश के किसान व मजदूर भूख व कर्ज के चलते आत्महत्या कर रहे है। जबकि उद्योगपतियों की आय में आए दिन इजाफा हो रहा है। उन्होंने एसडीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को सत्रह सूत्रीय ज्ञापन भेजा। इस मौके पर किसान सभा के जिलाध्यक्ष अषाड़ सिंह धिरवाण, आनंद सिंह रावत, बसंती रावत, दौलत सिंह राणा, इंद्र लाल, विनीता देवी, गोदाम्बरी देवी, सुलोचना देवी पूनम, उषा देवी, प्रकाश लाल समेत अन्य मौजूद थे।