अल्मोड़ा। उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ की हड़ताल मंगलवार को नौवें दिन भी जारी रही। इस दौरान आयोजित धरना-प्रदर्शन में लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग और ग्रामीण निर्माण विभाग सहित विभिन्न घटक संघों के डिप्लोमा इंजीनियर्स शामिल हुए। बैठक की अध्यक्षता के.जी. गोस्वामी ने की। शक्ति सदन में आयोजित बैठक में अभियंताओं ने 27 सूत्रीय मांगों के पूर्ण होने तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रखने का ऐलान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि हड़ताल के चलते विकास कार्य प्रभावित हो सकते हैं, लेकिन इसकी जिम्मेदारी उनकी नहीं होगी। प्रमुख मांगों में 10 वर्ष में प्रथम एसीपी के तहत 5400 ग्रेड पे, 16 वर्ष में 6600 और 26 वर्ष में 8700 ग्रेड पे, अभियंत्रण विभागों में न्यूनतम तीन पदोन्नति, पेयजल एवं जल संस्थान का राजकीयकरण, पुरानी पेंशन बहाली, आईटी भत्ता, फील्ड स्टाफ की नियुक्ति और गैर तकनीकी कार्यों से मुक्ति शामिल हैं। अभियंताओं ने कहा कि जब तक सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों की अनदेखी होने पर हड़ताल जारी रहेगी, भले ही इससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हों। धरना-प्रदर्शन में दीपक मटियाली, ललित शर्मा, रिनी पांडे, हिमांशु जोशी, जीएस मेहरा, ललित मोहन बिष्ट, सूरज रावत, हितांशी नैलवाल, प्रेमा पाटनी, कमलेश तिलारा, नितेश रावत, स्वीटी पटवाल, मोनिका टाकुली, नेहा लटवाल, शमशाद अंसारी, हर्षिता सुयाल सहित अन्य मौजूद रहे। वहीं उत्तरांचल पर्वतीय कर्मचारी शिक्षक संगठन ने भी हड़ताल को समर्थन दिया, जिसमें मनोज जोशी, दिगंबर फुलोरिया और धीरेंद्र कुमार पाठक उपस्थित रहे।
डिप्लोमा इंजीनियर्स का मांगें पूरी नहीं होने तक हड़ताल जारी रखने का ऐलान
ByBinsar Times
Mar 31, 2026