अल्मोड़ा। अनुसूचित जाति उपयोजना के तहत ग्राम घनेली, हवालबाग में प्रशिक्षण-सह-बीज वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें किसानों को टिकाऊ और वैज्ञानिक खेती के तौर-तरीकों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम का आयोजन 24 अप्रैल 2026 को भाकृअनुप–राष्ट्रीय पादप जैव प्रौद्योगिकी संस्थान, नई दिल्ली के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम में विवेकानन्द पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा के निदेशक डॉ. लक्ष्मी कांत और भाकृअनुप–राष्ट्रीय पादप जैव प्रौद्योगिकी संस्थान, नई दिल्ली के निदेशक डॉ. रामचरण भट्टाचार्य मौजूद रहे। उनके साथ वैज्ञानिकों की टीम ने किसानों को मृदा स्वास्थ्य, संतुलित उर्वरक उपयोग, जैविक खेती और जल प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी। डॉ. लक्ष्मी कांत ने किसानों को अतिरिक्त आय के लिए स्थानीय संसाधनों के उपयोग पर जोर देते हुए बिच्छू घास से हर्बल चाय बनाने जैसे विकल्प सुझाए और कदन्न फसलों की खेती को बढ़ावा देने की बात कही। वहीं डॉ. रामचरण भट्टाचार्य ने आय बढ़ाने के लिए नकदी फसलों की विविधीकृत खेती अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम में ग्राम घनेली के 130 किसानों ने भाग लिया, जिनमें 70 महिलाएं और 60 पुरुष शामिल रहे। कार्यक्रम के दौरान किसानों को उन्नत बीज और कृषि इनपुट भी वितरित किए गए। समापन पर आयोजित संवाद सत्र में किसानों ने वैज्ञानिकों से सीधे बातचीत कर अपनी समस्याओं के समाधान और खेती की बेहतर तकनीकों की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान ग्राम प्रधान कुमारी उमा आर्या, बीसीटी सदस्य बसंत लाल समेत संबंधित वैज्ञानिक और अधिकारी उपस्थित रहे।
