अल्मोड़ा। विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना–पर ड्रॉप मोर क्रॉप के अंतर्गत उद्यानकर्मियों के लिए सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम मुख्य उद्यान अधिकारी, अल्मोड़ा के प्रायोजन से आयोजित हुआ, जिसमें उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया। उद्घाटन सत्र में कार्यशाला समन्वयक डॉ. उत्कर्ष कुमार ने सूक्ष्म सिंचाई तकनीक के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इससे जल उपयोग दक्षता बढ़ती है, लागत घटती है और फसल उत्पादकता में वृद्धि होती है। वरिष्ठ उद्यान निरीक्षक ऋचा जोशी ने पर ड्रॉप मोर क्रॉप योजना के अंतर्गत सूक्ष्म सिंचाई के लाभों की जानकारी देते हुए अधिकारियों से प्रशिक्षण के अनुभव किसानों तक पहुंचाने का आह्वान किया। संस्थान के निदेशक डॉ. लक्ष्मी कांत ने पर्वतीय क्षेत्रों में वर्षाजल संचयन और आधुनिक तकनीकों के उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि मृदा आर्द्रता सेंसर जैसी तकनीकें सीमित जल संसाधनों के प्रभावी उपयोग में सहायक हैं और बागवानी आधारित खेती को मजबूत बनाती हैं। कार्यशाला में विशेषज्ञों ने ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणालियों की संरचना, स्थापना, संचालन, रखरखाव तथा लागत-लाभ विश्लेषण की जानकारी दी। इसके साथ ही फर्टिगेशन तकनीक, जल संरक्षण उपाय और विभिन्न सरकारी योजनाओं के अंतर्गत उपलब्ध अनुदान संबंधी जानकारी साझा की गई। प्रतिभागियों को संस्थान के प्रायोगिक प्रक्षेत्र में सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली का प्रत्यक्ष प्रदर्शन भी कराया गया, जिससे उन्हें तकनीकी पहलुओं की व्यवहारिक समझ मिली। कार्यक्रम का संचालन डॉ. उत्कर्ष कुमार ने किया, जबकि वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी नारायण राम ने प्रक्षेत्र भ्रमण के दौरान प्रणाली की कार्यप्रणाली समझाई।
उद्यानकर्मियों के लिए सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली पर एकदिवसीय कार्यशाला आयोजित
ByBinsar Times
Feb 12, 2026