रुड़की(आरएनएस)। स्मार्ट मीटर और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन (रोड) के बैनर तले किसानों ने बुधवार को रुड़की स्थित अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। किसानों ने विभाग पर जबरन स्मार्ट मीटर लगाने का आरोप लगाते हुए इसे बंद करने और अन्य मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की चेतावनी दी है। मौके पर छह सूत्रीय मांगों को लेकर अधीक्षण अभियंता को ज्ञापन सौंपा। बुधवार को धरने का प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष पदम सिंह रोड ने कहा कि ऊर्जा निगम जबरन देहात क्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगा रहा है, जिसका संगठन कड़ा विरोध कर रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण किसी भी स्थिति में अपने घरों पर स्मार्ट मीटर नहीं लगने देंगे। ये केवल किसानों को परेशान करने का नया तरीका है। उन्होंने कहा कि यदि किसानों के घरों पर जबरन स्मार्ट मीटर लगाए गए तो इसके गंभीर परिणाम सामने आएंगे। हालांकि अगर कोई किसान स्वेच्छा से मीटर लगवाना चाहते हैं तो उन्हें कोई एतराज नहीं होगा। प्रदेश अध्यक्ष संजीव कुशवाह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोस्टिंग और रात के समय छापेमारी से किसानों में भय का माहौल है। कई स्थानों पर बिजली की लाइनें नीचे लटक रही हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है। उन्होंने मांग की कि उत्तर प्रदेश की तर्ज पर किसानों को ट्यूबवेल की बिजली मुफ्त दी जाए और घरेलू कनेक्शनों पर लगाई गई पेनल्टी हटाई जाए। किसानों की प्रमुख मांगों में ग्रामीण क्षेत्रों में स्मार्ट मीटर न लगाए जाने, रोस्टिंग बंद करने, रात में छापेमारी रोकने, झूलती बिजली लाइनों को ऊपर उठाने व जरूरत के अनुसार पोल लगवाने, ट्यूबवेल बिजली मुफ्त करने तथा घरेलू कनेक्शनों पर पेनल्टी हटाने की मांग शामिल है। पदाधिकारियों ने यह भी चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय में उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो उन्हें उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा। प्रदर्शन के दौरान महासचिव विकास शर्मा, जिलाध्यक्ष प्रदीप त्यागी, राकेश अग्रवाल, जावेद अली, मुबारिक सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।