अल्मोड़ा। बिनसर महादेव धाम के निकट सोनी देवलीखेत में शराब की दुकान खुलने से ग्रामीणों में जबरदस्त आक्रोश है। बुधवार को उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी और उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पीसी तिवाड़ी आंदोलन को समर्थन देने देवलीखेत पहुंचे। तिवाड़ी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सोनी, देवलीखेत और अल्मोड़ा की जनता पानी मांग रही है, लेकिन सरकार उन्हें शराब परोस रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह राज्य सैकड़ों शहादतों के बाद मिला, लेकिन सरकार इसे नशे के दलदल में धकेल रही है। सरकार एक ओर नशे के खिलाफ अभियान का दिखावा कर रही है, तो दूसरी ओर गांव-गांव शराब के ठेके खुलवा रही है। तिवाड़ी ने कहा कि वर्ष 2016 में उन्होंने ‘नशा हटाओ, पहाड़ बचाओ’ अभियान का समर्थन किया था, जिसमें रानीखेत के वर्तमान विधायक भी शामिल थे। लेकिन आज वही विधायक सत्ता में आने के बाद शराब के ठेके खुलवाने में जुटे हैं, जिससे जनता खुद को ठगा महसूस कर रही है। इस विरोध प्रदर्शन में महिलाएं भी बड़ी संख्या में आगे आई हैं। देवलीखेत दुभना महिला मंगल दल की भागुली देवी ने कहा कि सरकार महिलाओं को असहाय समझकर उनके बच्चों को नशे की गिरफ्त में धकेल रही है, लेकिन इसका खामियाजा उसे भुगतना पड़ेगा। सोनी डांट पर दीपक करगेती आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं, जबकि देवलीखेत में महिला मंगल दल और युवक मंगल दल धरने पर बैठे हैं। कृषक कृषि बागवानी और उद्यमी संगठन के महासचिव दीपक करगेती ने कहा कि अब गांव-गांव जाकर जनजागरण किया जाएगा और इसकी शुरुआत हो चुकी है। देवलीखेत में विरोध प्रदर्शन में सुशीला, हिमानी, तुलसी, पिंकी, भागुली देवी, भगवती भट्ट, शकुंतला, कमला, लक्ष्मी बिष्ट, कविता गोसाईं, हेमा, सरिता, दीपा और नंदी देवी सहित कई लोग शामिल रहे। वहीं, प्रकाश चंद्र पंत, प्रकाश पढ़लिया, राजेंद्र पढ़लिया, निकेश सती और विपिन उपाध्याय भी आंदोलन स्थल पर डटे रहे।