देहरादून(आरएनएस)। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने आरोप लगाया कि उत्तराखंड में परिवहन विभाग के निजी फिटनेस सेंटरों पर जमकर वसूली की जा रही है। यहां लोगों से निर्धारित फीस से तीन गुना तक उगाही की जा रही है। इतना ही नहीं, यह कार्य एक निजी कंपनी को सौंप दिया गया है, जो अपनी मनमानी से शुल्क वसूल रही है। वाहन चालकों का कहना है कि कोई निर्धारित मानक या प्रक्रिया नहीं है होने के कारण छोटे वाहन चालकों को मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान किया जा रहा है। मंगलवार को मीडिया को जारी बयान में आर्य ने कहा कि अचानक और अत्यधिक बढ़ोतरी से व्यावसायिक और निजी वाहन स्वामियों के बीच व्यापक चिंता और आक्रोश व्याप्त है। वाहन मालिक चाहते हैं कि फिटनेस की प्रक्रिया फिर से सरकार के अधीन हो और उनके स्थानीय सुविधा को बहाल किया जाए। उन्होंने कहा कि कई जगहों पर पहले स्थानीय आरटीओ कार्यालय में ही फिटनेस की प्रक्रिया आसानी से हो जाती थी, लेकिन अब यह काम निजी हाथों में जाने से वाहन मालिकों को अन्य शहरों तक जाना पड़ रहा है। फिटनेस के लिए दूसरे शहर जाने का मतलब है डीजल-पेट्रोल का अतिरिक्त खर्च और पूरे दिन का समय बर्बाद होना। पहले से ही टोल, टायर, ईंधन आदि की बढ़ती कीमतों से परिचालन लागत बढ़ने से ट्रेड अस्थिर हो चुका है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार को प्रस्तावित निर्णय पर पुनर्विचार करते हुए, इसे वापस लेना चाहिए, अन्यथा स्थिति नियंत्रण से बाहर हो सकती है, जिससे अर्थव्यवस्था और आपूर्ति शृंखला पर गहरा प्रभाव पड़ सकता है।
