अल्मोड़ा। अल्मोड़ा पुलिस का जनजागरूकता अभियान गांव-गांव और घर-घर तक पहुंच रहा है। इसी क्रम में थाना लमगड़ा क्षेत्र में बीट पुलिसकर्मियों ने ग्रामीण इलाकों में पहुंचकर महिला सुरक्षा, नए आपराधिक कानूनों सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर लोगों को जागरूक किया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र पींचा के निर्देश पर जनपद के सभी कोतवाली और थाना क्षेत्रों में स्कूलों, कॉलेजों, नगर, कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में निरंतर जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य आम लोगों को कानून, सुरक्षा और अपराध से बचाव से जुड़ी आवश्यक जानकारियां उपलब्ध कराना है। थाना लमगड़ा के थानाध्यक्ष प्रमोद पाठक के नेतृत्व में बीट जवानों द्वारा लगातार गांवों में जाकर लोगों से संवाद किया जा रहा है। शनिवार को बीट पुलिसकर्मियों ने लमगड़ा क्षेत्र के खांकर गांव और दाड़िमीजाख जैंती में पहुंचकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और उन्हें जागरूक किया। इस दौरान ग्रामीणों को महिला एवं बाल अपराधों की रोकथाम, यातायात नियमों के पालन, साइबर अपराध से बचाव, डिजिटल अरेस्टिंग से जुड़े खतरों तथा नए आपराधिक कानूनों—भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम—के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही पुलिस सत्यापन की प्रक्रिया समझाई गई और आपात स्थिति में डायल 112 तथा साइबर अपराध की शिकायत के लिए 1930 हेल्पलाइन नंबर की उपयोगिता पर भी प्रकाश डाला गया। पुलिसकर्मियों ने ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए अपील की कि अपने आसपास किसी भी संदिग्ध या अवैध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए उपयोगी बताया।
