रुद्रपुर(आरएनएस)। नगरपालिका बोर्ड का एक वर्ष का कार्यकाल पूरा होने पर आयोजित कार्यक्रम में पालिकाध्यक्ष सुखदेव सिंह एवं वार्ड सभासदों ने बीते एक वर्ष में कराए गए विकास कार्यों का विवरण आमजन एवं जनप्रतिनिधियों के समक्ष प्रस्तुत किया। अवसर पर पालिकाध्यक्ष ने आगामी चार वर्षों में सितारगंज को विकास की दृष्टि से अग्रणी नगरपालिका बनाने का संकल्प दोहराया। पालिकाध्यक्ष सुखदेव सिंह ने शनिवार को अपने आवास पर पत्रकार वार्ता करते हुए बताया कि बीते एक वर्ष में नगरपालिका की ओर से 10.50 करोड़ की लागत से कुल 203 निर्माण कार्य कराए गए, जिनमें 43 कार्य अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में संपन्न हुए। गत वर्ष बरसात के दौरान नगर क्षेत्र में कहीं भी जलभराव से कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। इसके लिए पालिका द्वारा नालों और नालियों की नियमित तलीझाड़ सफाई कराई गई। एक वर्ष में 1.80 करोड़ रुपये की लागत से नगर का विद्युतीकरण कराया गया। साथ ही 144 पात्र लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिया गया और 103 शौचालयों का निर्माण कराया गया। बताया कि कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा के प्रयासों से लोक निर्माण विभाग के सहयोग से नगर की ड्रेनेज व्यवस्था के लिए 16.50 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार की गई है, जिसे मंत्री द्वारा स्वीकृति दिलाई गई। इससे भविष्य में सितारगंज के नगरीय क्षेत्र को जलभराव और जाम की समस्या से काफी हद तक राहत मिलेगी। कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा एवं भाजपा जिलाध्यक्ष कमल जिंदल ने पालिकाध्यक्ष के आवास पर पहुंचकर पालिका बोर्ड के कार्यों की सराहना की। मंत्री बहुगुणा ने कहा कि पालिका बोर्ड ने एकजुट होकर जनता की समस्याओं को गंभीरता से लिया और उनके समाधान के लिए निरंतर प्रयास किए। भविष्य में भी हरसंभव सहयोग दिया जाएगा। जाम से निजात के लिए एनएचएआई अधिकारियों संग होगा निरीक्षण सितारगंज। नगर को जाम की समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए सीडीओ के नेतृत्व में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ तिरंगा चौक, बिजटी चौक, महाराणा प्रताप चौक और नकुलिया चौक का निरीक्षण किया गया है। भाजपा जिलाध्यक्ष कमल जिंदल एवं पालिकाध्यक्ष सुखदेव सिंह ने बताया कि शीघ्र ही एनएचएआई के अधिकारियों के साथ संयुक्त निरीक्षण कर चौराहों पर लगने वाले जाम से निजात के उपाय किए जाएंगे। पालिकाध्यक्ष ने बताया कि सितारगंज में वेंडिंग जोन के लिए प्रशासन से भूमि उपलब्ध हो चुकी है। वेंडिंग जोन के निर्माण एवं सुविधाओं के लिए पांच करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार कर शासन को भेजी गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा से इसकी स्वीकृति का अनुरोध किया गया है। वेंडिंग जोन के निर्माण के बाद फड़-खोखा व्यवसायियों को वहां शिफ्ट किया जाएगा, जिससे जाम की समस्या में और कमी आएगी।
