अल्मोड़ा। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की ओर से नगर के गांधी पार्क चौघानपाटा में एकदिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया। धरना प्रदर्शन के बाद परिषद ने जिलाधिकारी के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री को 18 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन प्रेषित किया। धरने में विभिन्न विभागों से जुड़े बड़ी संख्या में कर्मचारी और कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए।

धरना स्थल पर वक्ताओं ने कहा कि राज्य के हजारों कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर शासन और सरकार का ध्यान आकर्षित करते आ रहे हैं, लेकिन अब तक समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया है। वक्ताओं ने मांग की कि जिन कर्मचारियों को पूरे सेवाकाल में तीन पदोन्नतियां नहीं मिल पातीं, उन्हें 10, 16 और 26 वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर एसीपी के अंतर्गत पदोन्नत वेतनमान दिया जाए।

कर्मचारियों ने गोल्डन कार्ड योजना के तहत ओपीडी में जन औषधि केंद्रों से कैशलेस दवा तथा पंजीकृत सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों में कैशलेस जांच की सुविधा दिए जाने की मांग उठाई। परिषद ने कहा कि वर्तमान में राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा गोल्डन कार्ड धारकों को केवल कटौती की गई धनराशि के आधार पर ही भुगतान किया जा रहा है, जबकि राज्यकर्मियों और पेंशनरों को पूर्व की भांति चिकित्सा प्रतिपूर्ति का अधिकार मिलना चाहिए। इसके लिए चिकित्सा प्रतिपूर्ति और अस्पतालों के भुगतान में आ रही कमी को सरकार वहन करे।

धरने में वेतन समिति के समक्ष विभिन्न संवर्गों की वेतन विसंगतियों को दूर किए जाने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। परिषद ने मांग की कि 12 अगस्त 2022 को हुई वार्ता के बाद भी वेतन समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है, जिसे शीघ्र जारी किया जाना चाहिए। वक्ताओं ने कहा कि भारत सरकार द्वारा आठवें वेतन आयोग के गठन का निर्णय लिए जाने के बाद सातवें वेतन आयोग से जुड़ी विसंगतियों का समाधान और भी जरूरी हो गया है।

परिषद ने यह भी मांग रखी कि जिन कर्मचारियों की कुल सेवा अवधि 10 वर्ष से अधिक हो चुकी है, उन्हें पदोन्नति में शिथिलीकरण का लाभ दिया जाए और प्रोबेशन की अनिवार्य शर्त हटाई जाए। वाहन भत्ते की दरों में की गई वृद्धि का लाभ 2013 के शासनादेश के तहत वाहन भत्ता प्राप्त कर रहे कर्मचारियों को न मिलने पर भी नाराजगी जताई गई। परिषद ने मांग की कि अपर मुख्य सचिव वित्त की अध्यक्षता में हुई बैठक में बनी सहमति के अनुसार वंचित कर्मचारियों को भी बढ़े हुए वाहन भत्ते का लाभ दिया जाए और यात्रा भत्ता संशोधन प्रस्ताव को मंत्रिमंडल की बैठक में स्वीकृत कराया जाए।

धरने में विभागीय पुनर्गठन, सेवा नियमावलियों में संशोधन, पुरानी पेंशन योजना लागू करने, आठवें वेतन आयोग को लेकर कर्मचारियों के सुझाव राज्य सरकार के माध्यम से केंद्र सरकार को भेजने, वर्कचार्ज कर्मचारियों को पेंशन और ग्रेच्युटी भुगतान की समस्याओं के समाधान तथा सेवानिवृत्त कर्मचारियों की चिकित्सा प्रतिपूर्ति से जुड़ी अड़चनों को दूर करने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई।

वक्ताओं ने कहा कि कई कोषागार वित्त विभाग से शासनादेश न होने के कारण सेवानिवृत्त कर्मचारियों के चिकित्सा बिलों के भुगतान में आनाकानी कर रहे हैं, जिससे पेंशनरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। परिषद ने इस संबंध में वित्त विभाग से स्पष्ट शासनादेश जारी करने की मांग की।

धरना प्रदर्शन में परिषद के अध्यक्ष उमापति पांडे, महामंत्री मोहन सिंह नेगी, संरक्षक एन कांडपाल, उपाध्यक्ष अभिषेक कुमोठी, प्रांतीय संप्रेक्षक रमेश कनवाल, ग्राम विकास अधिकारी एसोसिएशन के अध्यक्ष पंकज रौतेला, ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के अध्यक्ष भास्कर जोशी, अधीनस्थ कृषि सेवा संघ के अध्यक्ष यशवंत बिष्ट, जिला महामंत्री नरेश्वर बिजवान सहित विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।