विकासनगर(आरएनएस)। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल एवं साइबर वितीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर प्राप्त शिकायतों में साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के लिए प्रयुक्त मोबाइल नंबरों की जांच में पाया किया गया कि सिम विकासनगर से खरीदे गए थे। जिससे बाद पुलिस सिम बेचने वाले रिटेलर का पता लगाकर उसके मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। दरअसल, राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल एवं साइबर वित्तीय हेल्पलाइन 1930 पर कुछ शिकायतें प्राप्त हुई थी। जब साइबर क्राइम सेल देहरादून ने पीड़ितों को जिन नंबरों से फोन कर ठगी की गई, उनकी जांच की तो उसमें सजल कम्युनिकेशन के सजल अग्रवाल का नाम सामने आया। वे मेन रोड विकासनगर में प्वाइंट ऑफ सेल धारक हैं, उसकी भूमिका संदिग्ध पाई गई। जिसके बाद पुलिस ने जांच की। पुलिस के मुताबिक बीएसएनएल कार्यालय में तैनात पदम सिंह पुत्र चेत सिंह ने बताया कि बीएसएनएल की ओर से विकासनगर क्षेत्र में चित्रा टेलीकॉम नामक संस्थान को फ्रेंचाइजी प्रदान की गई थी। जब चित्रा टेलीकॉम का सत्यापन किया गया तो चित्रा टेलीकॉम के सुबोध गोयल निवासी शिवपुर कॉलोनी डाकपत्थर ने बताया कि उनकी फ्रेंचाइजी की ओर से सजल कम्युनिकेशन के सजल अग्रवाल को रिटेलरशिप दी थी। सजल कम्युनिकेशन के सजल अग्रवाल पुत्र संदीप गुप्ता, निवासी चर्च रोड विकासनगर ने फोन पर पुलिस को बताया कि उसकी अमर स्वीट शॉप के पास शूज की शॉप है। 2022 में कोरोना के बाद उसने चित्रा टेलीकॉम से बीएसएनएल के सिम बेचने को लिए थे। उसे जानकारी नहीं है कि यह सिम किस-किस ने लिए थे। कोतवाल विनोद गुसाईं ने बताया कि साइबर ठगी में प्रयुक्त सिम सजल कम्युनिकेशन से बेचे जाने की पुष्टि होने के बाद रिटेलर सजल अग्रवाल के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
