नई दिल्ली (आरएनएस)। दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी के कथित अमर्यादित बयान को लेकर सियासत तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर आतिशी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। भाजपा की ओर से प्रवेश साहिब सिंह, कपिल मिश्रा, आशीष सूद, पंकज सिंह और मनजिंदर सिंह सिरसा ने यह पत्र सौंपा है।

विवाद की शुरुआत 6 जनवरी को सदन में गुरु तेग बहादुर की शहादत पर हो रही विशेष चर्चा के दौरान हुई। भाजपा विधायकों का आरोप है कि चर्चा के बीच आतिशी ने अपनी सीट से खड़े होकर ऐसी टिप्पणी की, जो गुरु तेग बहादुर के सम्मान के खिलाफ और बेहद आपत्तिजनक थी। पत्र में कहा गया है कि आज़ादी के बाद किसी भी सदन में किसी गुरु के बारे में इस तरह की भाषा का प्रयोग पहले कभी नहीं हुआ। भाजपा विधायकों ने अपने पत्र के साथ कथित बयान की टाइप की गई प्रति भी संलग्न की है।

भाजपा विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष से तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। उन्होंने आतिशी के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज करने, उनकी विधानसभा सदस्यता तत्काल रद्द करने और सदन की गरिमा बनाए रखने के लिए अध्यक्ष की शक्तियों का उपयोग करते हुए कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। विधायकों का कहना है कि गुरु तेग बहादुर का अपमान करने वाले व्यक्ति का स्थान सदन में नहीं होना चाहिए।

इस मुद्दे पर सदन में तीखी नोकझोंक हुई, जिसके चलते कार्यवाही कई बार बाधित भी हुई। भाजपा नेताओं ने कहा कि आतिशी को दिल्ली की जनता, सिख समुदाय और सदन से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। साथ ही, पार्टी निंदा प्रस्ताव लाने की तैयारी में भी है।

दूसरी ओर आम आदमी पार्टी ने भाजपा के आरोपों को निराधार बताया है। पार्टी का कहना है कि भाजपा इस मुद्दे के जरिए प्रदूषण जैसे गंभीर जनहित के विषयों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।