जागेश्वर धाम में लचर विद्युत व्यवस्था के खिलाफ स्थानीय जनता आक्रोशित

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अल्मोड़ा(आरएनएस)। जागेश्वर धाम में लगातार हो रही बिजली कटौती से पुजारी, व्यापारी, क्षेत्रीय जनता और श्रद्धालु बेहद परेशान हैं। इस अव्यवस्था से आक्रोशित लोगों ने उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुतला दहन किया। साथ ही तहसीलदार के माध्यम से अधिशासी अभियंता को ज्ञापन भी भेजा। जागेश्वर धाम में बिजली व्यवस्था की बदहाली लंबे समय से बनी हुई है। यहां महीने में 15 दिन से अधिक समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रहती है। हल्की सी हवा या बारिश के छींटे पड़ते ही जागेश्वर धाम सहित आसपास के दर्जनों गांवों में अंधेरा छा जाता है। कई बार 30-30 घंटे की बिजली कटौती भी झेलनी पड़ती है। इस वजह से जागेश्वर मंदिर समूह के साथ-साथ होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यवसायों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। सोमवार को क्षेत्रीय जनता, पुजारियों और व्यापारियों ने एकजुट होकर यूपीसीएल का पुतला दहन किया और बिजली व्यवस्था को सुधारने की मांग उठाई। उन्होंने तहसीलदार बरखा जलाल के माध्यम से अधिशासी अभियंता को ज्ञापन भेजा। लोगों ने जागेश्वर धाम के लिए अलग से बिजली लाइन बिछाने की मांग की, जो आरतोला के रास्ते लाई जाए। साथ ही पनुवानौला-मिरतोला होते हुए आ रही मौजूदा बिजली लाइन के आसपास खड़े पेड़ों की यथाशीघ्र लॉपिंग की जाए। इसके अलावा, जागेश्वर धाम में बिजली व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए यूपीसीएल के दो कर्मचारियों की नाइट ड्यूटी लगाने की भी मांग की गई। स्थानीय जनता ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को शीघ्र पूरा नहीं किया गया तो वे यूपीसीएल के खिलाफ उग्र आंदोलन शुरू करने को मजबूर होंगे।