नई दिल्ली। वर्ष 2027 में होने वाली जनगणना को लेकर केंद्र सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। यह जनगणना दो चरणों में कराई जाएगी, जिसमें जातिगत विवरण भी शामिल होगा। खास बात यह है कि देश में पहली बार नागरिकों को स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करने की सुविधा दी जाएगी। इसके लिए सरकार विशेष वेब पोर्टल और मोबाइल एप्लिकेशन लॉन्च करने जा रही है।

अधिकारियों के मुताबिक यह देश की पहली डिजिटल जनगणना होगी। इसके तहत नागरिक एंड्रॉइड और एप्पल मोबाइल ऐप के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। वहीं, वेब पोर्टल भी दोनों चरणों के लिए उपलब्ध रहेगा, जिससे लोग ऑनलाइन माध्यम से अपनी जनगणना कर सकेंगे।

डिजिटल जनगणना की यह पहल जनगणना प्रणाली को तकनीकी रूप से सशक्त और आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इसके माध्यम से आंकड़ों को इलेक्ट्रॉनिक रूप में एकत्र किया जाएगा और सीधे सर्वर पर भेजा जाएगा। इससे आंकड़े शीघ्रता से उपलब्ध होंगे और प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।

सरकार ने आंकड़ों की सुरक्षा को लेकर भी पुख्ता इंतजाम किए हैं। डेटा संग्रहण, प्रसारण और भंडारण के प्रत्येक चरण में कड़े साइबर सुरक्षा उपाय लागू किए जाएंगे, जिससे नागरिकों की जानकारी पूरी तरह सुरक्षित रहे।

जनगणना की प्रक्रिया का पहला चरण—हाउस लिस्टिंग ऑपरेशंस (एचएलओ)—1 अप्रैल 2026 से शुरू होगा। इसके बाद दूसरा चरण, जो जनसंख्या गणना (पॉपुलेशन एन्उमरेशन) से संबंधित होगा, 1 फरवरी 2027 से शुरू किया जाएगा।

इस बार के गणना अभियान में प्रत्येक घर के सदस्यों की जातियों का भी अलग से विवरण दर्ज किया जाएगा। वर्ष 2027 की जनगणना के लिए संदर्भ तिथि 1 मार्च 2027 निर्धारित की गई है, जबकि लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी क्षेत्रों के लिए यह तिथि 1 अक्टूबर 2026 तय की गई है।